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नागपुर सक्करधरा पुलिस स्टेशन में नागपुर शहर पुलिस के उप-आयुक्त विजयकांत सागर परिमंडल क्रमांक ४ का सम्मान और पुलिस द्वारा महंगे चालानों के नाम पर आर्थिक लूट रोकने की मांग रतूड़ी द्वारा किया !!


नागपूर / विदर्भ : अरविंद कुमार रतुडी :- 

राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों किंग कोबरा आर्गेनाइजेशन यूथ फोर्स राष्ट्र निर्माण की और दो कदम नारी शक्ति एक सम्मान और पशु क्रूरता के ख़िलाफ़ जंग नागपुर महाराष्ट्र के संस्थापक अध्यक्ष अरविंदकुमार रतूड़ी के नेतृत्व में किया गया है

इस मौके पर शिवसेना शहर प्रमुख दिपक कापसे वाहनतूक प्रमुख राजू वाघमारे भाजपा नेता नरेंद्र नांदूलकर वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण विघरे कांग्रेस सुफल्य वैध्य महामंत्री वंदना रोटकर माधुरी घोसेकर रजनी भोसले डॉ सुगंध के साथ साथ है

सक्करधरा पुलिस स्टेशन के शांतता समिति महिला दक्षता समिति के पदाधिकारी भी मौजूद थे सम्मान समारोह के बाद पुलिस शांतता समिति के केन्द्रीय पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंदकुमार रतूड़ी ने पुलिस उप आयुक्त विजयकांत सागर और सक्करधरा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक धनंजय पाटिल से  निवेदन और मांग की है

हर दिन विभिन्न भागों में यातायात पुलिस द्वारा सामान्य गरीब वर्गों मध्यमवर्गीय निम्न वर्गों के वाहन चालकों को यातायात नियमों महंगे चालानों का डर दिखाकर असंवैधानिक तरीके से लूटा जा रहा है खासकर इनके निशाने पर दोपहिया वाहन चालक ज्यादा रहते है जब कि इन्हीं के सामने आटो रिक्शा ट्रावेल्स बस चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कानून व्यवस्था यातायात नियमों को तोड़ते है  अवैध ओवरलोडिंग सवारी हो रास्ते में कहीं पर भी अपना वाहन खड़ा करना हो या ट्रेफिक सिग्नल तोड़ना हो इनके लिए रोज का काम है

और ये सारे असंवैधानिक कार्य यातायात पुलिस के नजरों के सामने ही होता है मगर वहां कोई कार्रवाई नहीं होती है और कानून नियमों के नाम पर आर्थिक असंवैधानिक लूट सामान्य गरीब परिवार के वाहन चालकों से ही होती है और तो और ये कर्मचारी अधिकारी सिग्नल और चौराहों पर खड़े ना होते हुए गलियों में सड़क से पलटने वाली खतरनाक टर्निंग पॉइंट्स पर खड़े होकर वसूली करते है

इसको वहां खड़े देखकर नियम तोड़ने वाले वाहन चालक घबराहट में अपने वाहन गलत तरीके से गलत साइड से कट मारक निकाल देते है जिस कारण कई बार गंभीर दुर्घटना होने के साथ ही निरंतर दुर्घटना ओं का खतरा बना रहता है जब इन यातायात अधिकारियों और कर्मचारियों से कोई फोन पर या प्रत्यक्ष चालान तथा नियमों के बारे में बातचीत करता है

तो इनका व्यवहार उन लोगों या व्यक्ति के ख़िलाफ़ असभ्य और बदतमीजी से भरा होता है और उग्रता के साथ साथ कभी कभी गाली गलौज और मारपीट करने तक ये लोग तैयार हो जाते है जो कि सभ्य समाज खासकर हमारी रक्षक वर्दी और खाकी पर एक कलंकित दाग के समान ही है ऐसे ही व्यवहार के कारण पूर्व में यातायात पुलिस के साथ बहुत लोगों की मारपीट हो चुकी है

और वकीलों ने भी मोर्चा खोल दिया था  कुछ मुठ्ठी भर यातायात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से यह सब हो रहा है

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